छत्तीसगढ़

घर के दाम स्थिर रहेंगे, खाड़ी युद्ध खत्म होने के बावजूद रिपोर्ट में चेतावनी




नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष समाप्त भी हो जाता है तब भी रियल एस्टेट के बढ़े हुए खर्चों में तुरंत कमी नहीं आएगी. रियल एस्टेट क्षेत्र में व्यापक सेवाएं देने वाली एक अंतरराष्ट्रीय प्रॉपर्टी कंसल्टेंट कंपनी एनरॉक ग्रुप ने यह अनुमान लगाया है. मार्च 2026 की शुरुआत से ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी ने निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति में देरी के कारण इस क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया है.

मौजूदा स्थिति के कारण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ की नाकेबंदी का हवाला देते हुए, एनरॉक ग्रुप ने कहा कि इस नाकेबंदी के कारण जहाजों को रास्ता बदलना पड़ा है. इसके परिणामस्वरूप यात्रा में 10 से 20 दिन का अतिरिक्त समय लग रहा है और निर्माण सामग्री की शिपिंग लागत प्रति कंटेनर 1.5 लाख से 3.5 लाख रुपये तक बढ़ गई है.

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत ने पश्चिम एशिया से 98.7 बिलियन डॉलर मूल्य के सामान का आयात किया, जिससे यह क्षेत्र ऊर्जा, उर्वरक (fertilizers) और औद्योगिक इनपुट के एक अनिवार्य प्रदाता के रूप में स्थापित हुआ है. भारत के चूना पत्थर, सल्फर और जिप्सम के कुल आयात का 60% से अधिक हिस्सा







Previous articleभारत ने फ्यूल सप्लाई और शिपिंग सुरक्षा पर कड़ा रुख अपनाया, होर्मुज में जहाजों पर 24×7 निगरानी
Next articleवैष्णो देवी में भारी भीड़, यात्रा रोकनी पड़ी; 39,000 लोगों ने मां के दर्शन किए


Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker