छत्तीसगढ़

अब हथियार नहीं, हुनर से बदल रही पुनर्वासितों की जिंदगी




रायपुर : राज्य शासन की पुनर्वास नीति से कोण्डागांव के पुनर्वासित व्यक्तियों की जिंदगी को नई दिशा मिल रही है। कभी हिंसा के रास्ते पर भटके युवा अब मुख्यधारा में लौटकर कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

इसी क्रम में ग्राम कुधुर के तुलसी राम, रजमन एवं गोबरू वर्तमान में जिले में संचालित पुनर्वास केन्द्र में रहकर लाइवलीहुड कॉलेज के माध्यम से इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। तुलसी राम कश्यप ने बताया कि पूर्व में क्षेत्र में भय और असुरक्षा के माहौल के कारण वे संगठन से जुड़ गए थे, किन्तु राज्य शासन की पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर उन्होंने पुनर्वास कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। वर्तमान में वे पुनर्वास केन्द्र में रहकर कौशल उन्नयन प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में वायरिंग का दो माह का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें लगभग 15 दिवस का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है। प्रशिक्षण उपरांत वे अपने क्षेत्र में ही स्वरोजगार के रूप में वायरिंग कार्य प्रारंभ करने की योजना बना रहे हैं।







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